शहीद जगदीश प्रसाद पुरोहित राजकीय महाविद्यालय नंदानगर में धूमधाम से मनाई गई उत्तराखण्ड स्थापना दिवस की रजत जयंती

शहीद जगदीश प्रसाद पुरोहित राजकीय महाविद्यालय नंदानगर में धूमधाम से मनाई गई उत्तराखण्ड स्थापना दिवस की रजत जयंती

नंदानगर : शहीद जगदीश प्रसाद पुरोहित राजकीय महाविद्यालय नंदानगर में उत्तराखण्ड स्थापना रजत जयंती के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया । उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के उपलक्ष्य में शहीद जगदीश प्रसाद पुरोहित राजकीय महाविद्यालय नंदानगर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। समारोह में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नव नियुक्त प्राचार्य प्रो. विद्या शंकर शर्मा ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि मीना देवी और मुख्य अतिथि आशीष देवराड़ी रहे। कार्यक्रम की रूपरेखा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आशु रौलेट द्वारा तय की गई। दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का शुभारंभ किया गया।

उपलब्धियां और चुनौतियां: एक गहन विचार-मंथन

कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण कड़ी में सहायक प्राध्यापक डॉ. दीपा और डॉ. दीपक कुमार ने उत्तराखण्ड के 25 वर्षों के सफर पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने राज्य की अब तक की उपलब्धियों को रेखांकित किया और साथ ही भविष्य की चुनौतियों पर भी गहन चिंतन किया। इस विचार-मंथन में दो छात्राओं ने भी अपने दृष्टिकोण साझा करते हुए राज्य के विकास पथ पर महत्वपूर्ण बिंदुओं को उठाया।

संस्कृति का मनमोहक प्रदर्शन

देवभूमि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी इस अवसर पर जीवंत किया गया। महाविद्यालय की छात्राओं ने गढ़वाली लोक नृत्य ‘झुमैलो’ की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने सभी दर्शकों का मन मोह लिया। इसके साथ ही एक सुरीले गढ़वाली लोक गीत को भी प्रदर्शित किया गया, जो उत्तराखण्ड की लोककला और संगीत की गहराई को दर्शाता था।

सम्मान और प्रोत्साहन

कार्यक्रम के दौरान 6 से 8 नवंबर तक चली सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं और रेडक्रॉस के छात्रों को पुरस्कार वितरण भी किया गया। यह क्षण न केवल उनकी प्रतिभा को सराहा गया, बल्कि उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित भी किया।

अंजली का सफल मंच संचालन और टीम वर्क की मिसाल

तृतीय सेमेस्टर की छात्रा अंजली ने अपने कुशल और आत्मविश्वासपूर्ण मंच संचालन से पूरे कार्यक्रम को एकसूत्र में पिरोया। कार्यक्रम की सफलता में सिर्फ मंच के पीछे ही नहीं, बल्कि मंच के पीछे भी एक बड़ी टीम का अथक परिश्रम शामिल था। सहायक प्राध्यापक डॉ. अब्दुल अहद ने अनुशासन एवं शास्ता मण्डल के संयोजक के रूप में अपनी भूमिका बखूबी निभाई। कार्यालय के वरिष्ठ विपिन द्वारा कार्यक्रम संबंधी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। कार्यालय के अन्य कर्मचारी नरेश मैंदोली, भरत सिंह बिष्ट, मनमोहन भंडारी, राजू लाल, मोहन प्रसाद गौड, लक्ष्मण लाल सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई ।

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