श्री रघुनाथ मंदिर में गूँजे राम-रघुनाथ के भजन, हिमालय O2 के भक्तिमय सुरों से सराबोर हुई संगम नगरी, देवप्रयाग संगम पर उतरीं साक्षात गंगा, ‘हिमालय O2’ के तहत भव्य महाआरती से जगमगा उठा तट

श्री रघुनाथ मंदिर में गूँजे राम-रघुनाथ के भजन, हिमालय O2 के भक्तिमय सुरों से सराबोर हुई संगम नगरी, देवप्रयाग संगम पर उतरीं साक्षात गंगा, ‘हिमालय O2’ के तहत भव्य महाआरती से जगमगा उठा तट

टिहरी : जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल के विशेष प्रयासों से टिहरी महोत्सव 2026 हिमालय O2 के अंतर्गत कल शाम देवप्रयाग में आयोजित भजन कीर्तन सन्ध्या पर फिजाओं में भक्ति का अनूठा रस घुल गया। ऐतिहासिक श्री रघुनाथ मंदिर परिसर में आयोजित भजन-कीर्तन संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष ममता देवी ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत में जब रघुनाथ कीर्तन मंडली ने श्री रामचंद्र कृपालु भजमन हरण भवभय दारुणम के सस्वर पाठ से वातावरण को गुंजायमान किया, तो पूरा परिसर भक्ति के उल्लास से भर उठा।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए भरत कीर्तन मंडली और शिव शक्ति कीर्तन मंडली ने ‘पायो जी मैंने राम रतन धन पायो’ और “रघुपति राघव राजा राम” जैसे भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिस पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर झूमने लगे। बहा बाजार कीर्तन मंडली के कलाकारों ने नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो गाकर प्रभु श्रीराम की महिमा का बखान किया। वहीं, श्री रघुनाथ संस्कृत परिसर के छात्र-छात्राओं ने अपनी सुमधुर गायकी और पारंपरिक भजनों से उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।

टिहरी महोत्सव 2026 “हिमालय O2” के अंतर्गत संगम नगरी देवप्रयाग में आस्था का एक ऐसा अनूठा दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरी घाटी को दिव्य ऊर्जा से सराबोर कर दिया। महोत्सव के उपलक्ष्य में अलकनंदा और भागीरथी के पवित्र संगम पर आयोजित भव्य महाआरती ने श्रद्धा और आध्यात्म का एक अलौकिक वातावरण निर्मित कर दिया तथा समूचा तट वेदमंत्रों की गूँज से गुंजायमान हो उठा।

जैसे ही संध्या की बेला में शंखध्वनि और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ संगम तट पर महाआरती शुरू हुई, हजारों दीपों की रोशनी से गंगा की पावन जलधारा जगमगा उठी। पुरोहितों द्वारा किए गए सस्वर वैदिक मंत्रोच्चार और लहरों पर थिरकते दीपकों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘गंगा मैया की जय’ के उद्घोष और जलती हुई विशाल आरती की लपटों ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो साक्षात स्वर्ग धरती पर उतर आया हो।

इस भव्य आयोजन के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और दूर-दराज से आए तीर्थयात्री संगम तट पर डटे रहे। वक्ताओं ने इस गौरवमयी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘हिमालय O2’ अभियान के माध्यम से न केवल हमारी पौराणिक परंपराओं को पुनर्जीवित किया जा रहा है, बल्कि गंगा की पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक संदेश भी प्रसारित हो रहा है। देर शाम तक चली इस भव्य महाआरती ने देवप्रयाग को एक महाकुंभ जैसा स्वरूप प्रदान कर दिया, जहाँ हिमालय की शुद्धता और माँ गंगा की दिव्यता का अद्भुत मिलन देखने को मिला।

इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष ममता देवी ने कहा कि यह महोत्सव हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने का एक माध्यम है। इस दौरान अधिशासी अधिकारी राहुल भंडारी, सुरेश पन्त, मनीष भट्ट, शिल्पी मोतीवाला, रेखा भट्ट, हेमलता पंचपुरी, अनसूया मिश्रा, संध्या, दीपमाला, नलनी भट्ट और बिना ध्यानी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। देर शाम तक चले इस कार्यक्रम ने संगम नगरी देवप्रयाग को पूरी तरह से आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया।

Previous post

कोटि कॉलोनी में सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन, गंगा अवतरण नाट्य मंचन व गंगा आरती ने मोहा मन

Next post

संगम तट पर योग की शक्ति और चट्टानों पर युवाओं का साहस, ‘हिमालय O2’ महोत्सव के दूसरे दिन दिखा रोमांच

Post Comment

You May Have Missed