कोटद्वार : एक बार फिर चर्चाओं में GMOU, यात्रियों को दिए जा रहे टिकट पर उठे सवाल …………..

कोटद्वार : एक बार फिर चर्चाओं में GMOU, यात्रियों को दिए जा रहे टिकट पर उठे सवाल …………..

कोटद्वार : GMOU की बसों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अक्सर सवाल उठते है लेकिन इस बार GMOU की बस से जुड़ा नया मामला सामने आया है। दरअसल वाहनों के लिए पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में अलग अलग किराया तय किया गया है, जिसमे मैदानी क्षेत्र का किराया पहाड़ के मुकाबले कम है।  कुछ जागरूक यात्रियों ने बताया कि  हरिद्वार रूट पर चलने वाली कोटद्वार GMOU की बसों में किराया पहाड़ी मार्ग का लिया जा रहा है जबकि ये मैदानी मार्ग है। जिसकी पुष्टि करने के लिए हमारी ही टीम के सदस्य हरिद्वार से कोटद्वार का सफर GMOU की बस में करने पहुंचे। बीते 10 सितंबर को हरिद्वार से कोटद्वार आते समय जब बस नंबर UK15PA0150 के कंडक्टर से टिकट मांगा गया तो उन्होंने टिकट पर सिर्फ 120 रुपए किराया लिखकर दे दिया जबकि टिकट पर दिनांक, कहा से कहा तक, यात्री किराया, माल भाड़ा सभी कॉलम बने थे। जिन्हे भरा ही नहीं गया। जब तक कोई हादसा नहीं होता तब तक ये बाते बड़ी ही साधारण लगती है लेकिन कोई दुर्घटना होने पर जब आपको इंश्योरेंस कंपनी, पुलिस, कोर्ट या कही भी ये साबित करना पड़े की आपने इस बस में कहा से कहा तक का सफर और किस दिन सफर किया उस दिन इस तरह की टिकट की कोई कीमत नहीं होती जबकि आपके द्वारा किराए के रूप में दिये गए पैसे के बदले नियमानुसार और वैध टिकट ही मिलना चाहिए। हालाकि कई बार भीड़ में भी टिकट में जल्दबाजी में पूरा विवरण भरना कंडक्टर के लिए मुमकिन नहीं होता लेकिन यात्रा के दिन ऐसी परिस्थिति भी नही थी। इस मामले में एआरटीओ कोटद्वार शशि दूबे ने बताया की इस मामले में कार्यवाही की जायेगी। वही गाड़ी मालिक राकेश मोहन त्यागी ने बताया की ये घटना मेरी जानकारी में नही है और भविष्य में इस बात का ध्यान रखा जायेगा।

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