देहरादून में पहली बार आयोजित हुई किसना डायमंड मैराथन, 310 प्रतिभागियों ने लिया भाग, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए पंजीकृत

देहरादून में पहली बार आयोजित हुई किसना डायमंड मैराथन, 310 प्रतिभागियों ने लिया भाग, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए पंजीकृत


  • भारत की पहली ज्वेलरी ब्रांड – नेतृत्व वाली मैराथन, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए पंजीकृत
  • देहरादून में इस मैराथन का आयोजन पहली बार

देहरादून : भारत की पहली ज्वेलरी ब्रांड-नेतृत्व वाली मैराथन के रूप में किसना डायमंड मैराथन ने एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है। हरि कृष्ण ग्रुप की अग्रणी ज्वेलरी ब्रांड किसना ने मुंबई में इस मैराथन के 10वें संस्करण का सफल आयोजन किया, जबकि देश के 56 अन्य शहरों में यह पहल पहली बार आयोजित की गई। ‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’ के संकल्प के साथ 57 शहरों में एक साथ संपन्न यह आयोजन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness World Record) के प्रयास के रूप में पंजीकृत किया गया। देहरादून में इस मैराथन का आयोजन पहली बार हुआ है। देहरादून मैराथन में महिला में वर्ग आयुषी और शैफाली 5 किमी दौड़ में क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर रहीं। पुरुष वर्ग में नीरज और गर्व पहले और दूसरे स्थान पर रहे। 10 किमी दौड़ के पुरुष वर्ग में अनंत, थिनले दोरजी और जतिंदर क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। एथलीट हरेंद्र सिंह नेगी मुख्य अतिथि रहे और देहरादून मैराथन का फ्लैग ऑफ किया। विजेताओं को किसना ज्वैलरी से नवाज़ा गया।

देहरादून मैराथन में कुल 310 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया

इस ऐतिहासिक मैराथन में देशभर से 25,000 से अधिक धावकों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से मुंबई में 7,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। मुंबई में 5 किमी, 10 किमी और 21 किमी की दौड़ें आयोजित की गईं, जबकि अन्य शहरों में 5 किमी रन सुबह 7 बजे एकसाथ शुरू हुई। प्रत्येक शहर में 100 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी ने स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति सामूहिक जागरूकता को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।

कार्यक्रम की सफलता पर घनश्याम ढोलकिया, संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक, हरि कृष्ण ग्रुप, ने कहा, “मुंबई में किसना डायमंड मैराथन का 10वां संस्करण और देश के अन्य शहरों में पहली बार किसी ज्वेलरी ब्रांड द्वारा मैराथन का आयोजन—यह हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है। समाज को कुछ लौटाने की सोच से शुरू हुई यह पहल आज एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुकी है। 57 शहरों में हजारों धावकों की भागीदारी और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness World Record) का प्रयास यह सिद्ध करता है कि जब उद्देश्य स्पष्ट हो, तो लोग स्वयं आगे बढ़कर बदलाव का हिस्सा बनते हैं।”

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