हल्द्वानी। एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था ने देशभर में संचालित कोचिंग सेंटरों के लिए सुरक्षा मानकों को अनिवार्य बनाने की मांग उठाई है। संस्था के पदाधिकारियों ने हल्द्वानी सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर दूसरी मंजिल से अधिक ऊंचाई तथा बेसमेंट में संचालित कोचिंग सेंटरों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू और मार्गदर्शिका पूर्णिमा रजवार ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न राज्यों में कोचिंग सेंटरों में हुई दुर्घटनाओं ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि कई हादसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुए, जिनमें अनेक छात्रों की जान गई।
ज्ञापन में मांग की गई है कि देशभर में कोचिंग सेंटर केवल भूतल, प्रथम या द्वितीय मंजिल तक ही संचालित किए जाएं तथा बेसमेंट में कोचिंग सेंटर चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। संस्था का कहना है कि कम ऊंचाई वाले भवनों में किसी आपात स्थिति के दौरान छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना अपेक्षाकृत आसान होगा, जबकि बेसमेंट में जलभराव जैसी घटनाओं का जोखिम अधिक रहता है।
संस्था ने यह भी मांग की कि प्रत्येक कोचिंग कक्ष में छात्रों की अधिकतम संख्या निर्धारित की जाए और उसका कड़ाई से पालन कराया जाए। उनका कहना है कि अभिभावक अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें कोचिंग संस्थानों में भेजते हैं, इसलिए विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और संस्थानों दोनों की जिम्मेदारी है। संस्था ने केंद्र सरकार से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोचिंग संस्थानों के संचालन के लिए एक समान राष्ट्रीय सुरक्षा मानक लागू करने की मांग की है।
इस दौरान सचिव नन्दकिशोर आर्या, कोषाध्यक्ष बलराम हालदार, मनीषा आर्या, कल्पना भंडारी, अलका टंडन, सुनीता तिवारी, रोहतास प्रजापति, योगेश कश्यप, मोनिका आर्या, खुशी नागर, जानकी कश्यप, सूरज मिस्त्री, नमन तिवारी, दीपक कुमार, सुशील राय, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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