देहरादून में सिविल डिफेंस की मॉक ड्रिल सफल, आपात स्थिति से निपटने का किया अभ्यास

देहरादून में सिविल डिफेंस की मॉक ड्रिल सफल, आपात स्थिति से निपटने का किया अभ्यास

देहरादून : शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से सिविल डिफेंस द्वारा घंटाघर क्षेत्र में रात्रि के समय व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न विभागों के समन्वय और त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया।

निर्धारित समय पर शुरू हुआ मॉक ड्रिल अभ्यास

रात्रि 10:05 बजे ‘येलो सिग्नल’ मिलते ही मॉक ड्रिल का औपचारिक शुभारंभ किया गया। वायरलेस के माध्यम से सूचना प्रसारित होते ही आम नागरिकों को सतर्क करने के लिए सायरन बजाए गए। इसके बाद नोडल अधिकारियों और उनकी टीम ने सीटी और माइक के जरिए ‘रेड सिग्नल’ की घोषणा कर क्षेत्र में अलर्ट जारी किया।

ब्लैकआउट और यातायात नियंत्रण का किया गया अभ्यास

मॉक ड्रिल के दौरान कंट्रोल रूम से समन्वय स्थापित करते हुए पार्क और स्ट्रीट लाइट्स बंद कराई गईं तथा पूरे क्षेत्र में ब्लैकआउट लागू किया गया। साथ ही यातायात को अस्थायी रूप से रोका गया और वाहनों व दुकानों की लाइटें बंद करवाई गईं। नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया भी सुव्यवस्थित तरीके से पूरी की गई।

व्हाइट सिग्नल के साथ स्थिति सामान्य

रात्रि 10:35 बजे कंट्रोल रूम से ‘व्हाइट सिग्नल’ प्राप्त होने के बाद सायरन बजाकर स्थिति सामान्य होने की सूचना दी गई। इसके बाद यूपीसीएल कर्मचारियों द्वारा बिजली आपूर्ति बहाल की गई और होमगार्ड, ट्रैफिक पुलिस तथा सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने मिलकर यातायात को पुनः सुचारू किया।

रेस्क्यू टीम ने चलाया सर्च अभियान

मॉक ड्रिल के तहत रेस्क्यू और फर्स्ट एड टीमों ने सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की बम, मिसाइल या ड्रोन संबंधी घटना नहीं पाई गई और न ही किसी भवन को नुकसान पहुंचा। हालांकि भगदड़ के दौरान एक महिला को पैर में हल्की चोट आई और दो लोग घबराहट के कारण बेहोश हो गए, जिन्हें तत्काल कारनेशन अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।

अधिकारियों और वॉलंटियर्स ने निभाई अहम भूमिका

मॉक ड्रिल को सफल बनाने हेतु आई.सी.ओ. विपिन चाचरा, आई.सी.ओ. नीरज उनियाल, पोस्ट वार्डन बीना उपाध्याय, पोस्ट वार्डन संदीप गुप्ता, पोस्ट वार्डन ममता नागर, उप पोस्ट वार्डन मीना शर्मा, सैक्टर वार्डन में चन्द्र मोहन अरोड़ा, डॉ. रूचिका पाहवा, कुलदीप सिंह, तनवीर सिंह, तनविंदर कौर, जय कुमार चौहान, उमाशंकर, राजेंद्र सिंह, अमर जैन, दीपक भट्ट, पृथ्वीराज क्षेत्री, आनन्द गुसांई, विनोद यादव, दमनप्रीत चड्‌ढा आदि ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी

आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता का संदेश

इस मॉक ड्रिल के माध्यम से न केवल आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखा गया, बल्कि आम नागरिकों को भी आपदा के समय सतर्क और सुरक्षित रहने के लिए जागरूक किया गया।

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