ज्योतिर्मठ नगरपालिका विवाद : नमाज प्रकरण पर अध्यक्ष और सभासदों ने दी सफाई

ज्योतिर्मठ नगरपालिका विवाद : नमाज प्रकरण पर अध्यक्ष और सभासदों ने दी सफाई

​ज्योतिर्मठ। नगरपालिका हॉल में नमाज पढ़े जाने को लेकर हालिया विवाद पर नगरपालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह और वरिष्ठ सभासदों ने चुप्पी तोड़ते हुए अपना पक्ष मीडिया के सामने रखा है। अध्यक्ष के साथ सभासद दीपक शाह और जयदीप मंद्रवाल ने दो-टूक शब्दों में कहा कि नगरपालिका की साफ-सुथरी छवि को राजनीतिक द्वेष के चलते धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान बोर्ड की ओर से नमाज पढ़े जाने के लिए कोई भी लिखित अनुमति जारी नहीं की गई है। इसके विपरीत, वर्ष 2010 के बाद से पिछले बोर्डों द्वारा कई बार लिखित अनुमतियां दी जाती रही हैं, जो इस सिलसिले की पुरानी जड़ें दर्शाती हैं।

​सभासदों ने मामले की तह तक जाते हुए बताया कि जिस हॉल को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसे बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से ‘टेबल टेनिस हॉल’ बनाने का निर्णय लिया गया था। इस हॉल के नवीनीकरण का कार्य वर्तमान में प्रगति पर था। जैसे ही हॉल के भीतर नमाज पढ़े जाने की सूचना प्रशासन को मिली, मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई और हॉल पर ताला लगा दिया गया। सभासद दीपक शाह और जयदीप मंद्रवाल ने इस पूरे घटनाक्रम को नगरपालिका अध्यक्ष की लोकप्रियता को चोट पहुँचाने की कोशिश करार देते हुए इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया।

​विवाद के तूल पकड़ने के बाद नगर के प्रबुद्ध नागरिक और स्थानीय लोग भी नगरपालिका अध्यक्ष के समर्थन में लामबंद हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि 2023 से जोशीमठ के लोग विनाशकारी भू-धंसाव की मार झेल रहे हैं, लेकिन उन बुनियादी और ज्वलंत समस्याओं पर काम करने के बजाय शहर के वातावरण को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावितों के पुनर्वास, सुरक्षित आवास और उचित मुआवजे जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस नीति स्पष्ट नहीं की गई है, जिससे जनता में गहरा असंतोष है।

​स्थानीय निवासियों ने चिंता जताई कि ऐसे संवेदनशील समय में हिंदू-मुसलमान का मुद्दा उठाना केवल जनता का ध्यान मूल समस्याओं से भटकाने का एक जरिया है। नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन को शहर के सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली ताकतों पर लगाम लगानी चाहिए और प्राथमिकता के आधार पर भू-धंसाव पीड़ितों के हितों और क्षेत्र के विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। नगरपालिका प्रशासन ने भी विश्वास दिलाया है कि वे किसी भी विवाद से विचलित हुए बिना क्षेत्र के विकास और आपदा राहत कार्यों को गति देना जारी रखेंगे।

Previous post

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की मौजूदगी में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व सीएम योगी आदित्यनाथ से मिले BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी

Next post

प्रत्येक जनपद में स्थापित होंगे मॉडल सहकारिता गांव – डॉ. धन सिंह रावत

Post Comment

You May Have Missed