सड़क निर्माण से बदला पहाड़ का भविष्य, आवागमन हुआ सुगम और सुरक्षित

सड़क निर्माण से बदला पहाड़ का भविष्य, आवागमन हुआ सुगम और सुरक्षित

पौड़ी : पहाड़ी क्षेत्रों में विकास की नयी तस्वीर अब सड़कों के रूप में उभर रही है। जनपद पौड़ी गढ़वाल के दूरस्थ गांव, जो कभी दुर्गम रास्तों और लंबी यात्रा के लिए पहचाने जाते थे, अब बेहतर सड़क संपर्क से तेजी से मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। राज्य सरकार की प्राथमिकता एवं मुख्यमंत्री की घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की प्रभावी निगरानी में लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न विकासखण्डों में मोटर मार्गों का निर्माण, सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य तेज गति और उच्च गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है। इन प्रयासों से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और समय की बचत जैसे महत्वपूर्ण बदलाव भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहे हैं।

इसी क्रम में विकासखण्ड रिखणीखाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अंतर्गत द्वारी-भौन मोटर मार्ग के 5.00 किमी हिस्से में 344.02 लाख रुपये की लागत से सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य से ग्राम द्वारी एवं डुंगरियाल सहित कुल 532 ग्रामीणों को सीधा लाभ मिला है, जिससे उनकी दैनिक आवाजाही अब पहले की तुलना में अधिक सुगम, सुरक्षित एवं समयबद्ध हो गयी है।

अधिशासी अभियंता लोनिवि लैंसडाउन विवेक कुमार ने बताया कि राज्य योजना के अंतर्गत रिखणीखाल/बीरोंखाल क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण मोटर मार्गों का पुनर्निर्माण एवं डामरीकरण कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया गया है। इनमें सिमड़ी-कण्डूली छोटी मोटर मार्ग (3.00 किमी, लागत 200.68 लाख), गुण्डलखेत-मनीगांव-घोटला मोटर मार्ग (3.00 किमी, लागत 258.98 लाख) तथा कठवाणा-खनसुली-खनेताखाल मोटर मार्ग (3.00 किमी, लागत 260.88 लाख) शामिल हैं। इन कार्यों के पूर्ण होने से लगभग 660 ग्रामीणों को सुरक्षित, सहज और आरामदायक यातायात सुविधा उपलब्ध हो रही है।

इसी प्रकार विकासखण्ड जयहरीखाल एवं द्वारीखाल क्षेत्र में भी सड़क अवसंरचना को सुदृढ़ करते हुए जौलीखाल-अमाल्डू मोटर मार्ग (3.00 किमी, लागत 222.20 लाख), कुल्हाड़-राजखिल-बुरांसी मोटर मार्ग (3.00 किमी, लागत 231.48 लाख) तथा असनखेत-मंझोला मोटर मार्ग (3.00 किमी, लागत 218.66 लाख) का पुनर्निर्माण एवं डामरीकरण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया गया है। इन मार्गों के निर्माण से लगभग 1060 ग्रामीणों को बेहतर, सुरक्षित और सुलभ आवागमन की सुविधा मिल रही है।

इसके अतिरिक्त, निर्धारित लक्ष्य 12.25 किमी के सापेक्ष 16.40 किमी तक पहाड़ कटान कर 5 नए मोटर मार्गों का निर्माण भी किया गया है, जिससे लगभग 735 की आबादी सीधे मुख्य मार्गों से जुड़कर लाभान्वित हुई है।

इन सभी कार्यों से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच एवं प्रशासनिक तत्परता के परिणामस्वरूप जनपद में सड़क संपर्क व्यवस्था निरंतर सुदृढ़ हो रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति को नयी दिशा मिल रही है।

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