प्रदेश में खुलेंगे 03 नए जिला सहकारी बैंक व 55 नई शाखाएं – सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत

प्रदेश में खुलेंगे 03 नए जिला सहकारी बैंक व 55 नई शाखाएं – सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत


  • 55 नई शाखाएं खुलने से सहकारी बैंकों को मिलेगा विस्तार
  • एनपीए वसूली को चलेगा युद्ध स्तर पर अभियान, लक्ष्य पूरा न करने पर होगी कार्रवाई

देहरादून : सूबे में सहकारिता तंत्र को मजबूत बनाने को तीन जनपदों में जिला सहकारी बैंकों की स्थापना की जाएगी साथ ही 55 नई बैंक शाखाएं खोली जाएगी। जिससे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं सुलभ होंगी और सहकारिता आंदोलन को नई गति मिलेगी। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर राज्य सहकारी बैंक और जिला सहकारी बैंकों की वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य सहकारी बैंक तथा सभी जिला सहकारी बैंकों के महाप्रबंधक उपस्थित रहे, जबकि समस्त जनपदों के सहायक निबंधक भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

बैठक में मंत्री डॉ. रावत ने एनपीए वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिला सहकारी बैंकों के महाप्रबंधकों को अगले 15 दिनों में युद्ध स्तर पर वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों को कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि एनपीए वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी जनपद में वसूली अभियान में ढिलाई पाई गई तो संबंधित सहायक निबंधक तथा बैंक के महाप्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. रावत ने बताया कि मार्च माह में वह स्वयं हर पांच दिन के अंतराल पर 30 मार्च तक समीक्षा बैठक करेंगे और एनपीए वसूली की प्रगति रिपोर्ट लेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 30 मार्च के बाद जिन जनपदों में वसूली की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलेगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में सहकारिता मंत्री ने निबंधक सहकारिता को निर्देशित करते हुए कहा कि 1 अप्रैल से प्रदेश की शीर्ष सहकारी समितियों में बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित किया जा सके।

इसके साथ ही जनपदों के प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने जनपदों में सहकारी समितियों की बैठक आयोजित कर ग्राउंड जीरो पर जाकर निरीक्षण एवं भ्रमण करें। मंत्री ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया की व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि सहकारिता तंत्र को और अधिक प्रभावी व जवाबदेह बनाया जा सके। वर्चुअल बैठक में निबंधक सहकारी समितियां डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, प्रबंध निदेशक राज्य सहकारी बैंक प्रदीप मेहरोत्रा सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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