सीमित संसाधनों से सशक्त मीडिया संस्थान तक : आशीष कुमार ध्यानी की संघर्षपूर्ण पत्रकारिता यात्रा

सीमित संसाधनों से सशक्त मीडिया संस्थान तक : आशीष कुमार ध्यानी की संघर्षपूर्ण पत्रकारिता यात्रा

  • प्रिंटिंग प्रेस, CTP मशीन और आधुनिक स्टूडियो स्थापित कर ‘उत्तर भारत लाइव’ को दिलाई विशिष्ट पहचान

देहरादून। दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और पत्रकारिता के प्रति जुनून हो तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते। वरिष्ठ पत्रकार आशीष कुमार ध्यानी की संघर्षपूर्ण यात्रा इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने बेहद सीमित संसाधनों के साथ जिस समाचार संस्थान की नींव रखी, वही ‘उत्तर भारत लाइव’ आज उत्तराखंड के हिंदी मीडिया जगत में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बना चुका है।

आशीष कुमार ध्यानी ने वर्ष 2011 में ‘उत्तर भारत लाइव’ के कार्यालय की स्थापना की। शुरुआती दौर में संसाधन कम थे, लेकिन जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता करने का उनका संकल्प बेहद मजबूत था। निरंतर प्रयासों के बाद 31 अक्टूबर 2012 को ‘उत्तर भारत लाइव’ हिंदी दैनिक अपने वृहद स्वरूप में पाठकों के सामने आया।

निष्पक्ष समाचारों, जनहित से जुड़े मुद्दों और निर्भीक संपादकीय दृष्टिकोण के कारण उत्तर भारत लाइव ने बहुत कम समय में पाठकों के बीच अपनी विश्वसनीय पहचान स्थापित कर ली। समाचार पत्र ने आमजन की समस्याओं को प्रमुखता देने के साथ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं को भी प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया।

अपनी प्रिंटिंग प्रेस और आधुनिक CTP मशीन

मीडिया संस्थान स्थापित करना जितना चुनौतीपूर्ण होता है, उसे आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भर व्यवस्था से जोड़ना उससे भी अधिक कठिन है। आशीष कुमार ध्यानी ने इन चुनौतियों को अवसर में बदल दिया।

उनकी कड़ी मेहनत और दूरदर्शिता के परिणामस्वरूप उत्तर भारत लाइव की अपनी आधुनिक वेब ऑफसेट प्रिंटिंग मशीन स्थापित हुई। इसके साथ ही प्रिंटिंग प्लेट तैयार करने के लिए आधुनिक CTP मशीन भी लगाई गई।

इन उपलब्धियों ने उत्तर भारत लाइव को उत्तराखंड के उन चुनिंदा हिंदी समाचार पत्रों की श्रेणी में शामिल कर दिया, जिनके पास समाचार पत्र के प्रकाशन के लिए अपनी आधुनिक वेब ऑफसेट प्रिंटिंग मशीन और प्लेट मेकिंग की संपूर्ण CTP व्यवस्था उपलब्ध है।

यह उपलब्धि केवल तकनीकी विस्तार नहीं, बल्कि सीमित संसाधनों से प्रारंभ हुए एक प्रयास के आत्मनिर्भर और सशक्त मीडिया संस्थान में परिवर्तित होने की प्रेरक कहानी भी है।

डिजिटल और सोशल मीडिया में जबरदस्त धमक

समय के साथ मीडिया का स्वरूप तेजी से बदला और पाठकों का रुझान डिजिटल तथा सोशल मीडिया की ओर बढ़ा। आशीष कुमार ध्यानी ने इस परिवर्तन को समय रहते पहचाना और उत्तर भारत लाइव को प्रिंट की विश्वसनीयता के साथ डिजिटल मीडिया की रफ्तार से जोड़ा।

उनके नेतृत्व में उत्तर भारत लाइव ने वेबसाइट, सोशल मीडिया और वीडियो पत्रकारिता के क्षेत्र में भी अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। समाचारों की तेज प्रस्तुति, जनहित के विषयों पर मुखरता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग के कारण संस्थान ने सोशल मीडिया पर भी व्यापक पाठक एवं दर्शक वर्ग तैयार किया।

प्रिंट की विश्वसनीयता और डिजिटल की गति का यह संगम आज उत्तर भारत लाइव की सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है।

आधुनिक न्यूज स्टूडियो की स्थापना

डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के क्षेत्र में उत्तर भारत लाइव को और अधिक पेशेवर एवं प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से आशीष कुमार ध्यानी के नेतृत्व में आधुनिक तकनीक से सुसज्जित न्यूज स्टूडियो भी स्थापित किए गए।

इन स्टूडियो में अत्याधुनिक कैमरे, टेलीप्रॉम्प्टर, प्रोफेशनल ऑडियो सिस्टम, आधुनिक वीडियो स्विचिंग तकनीक, पॉडकास्ट सेटअप तथा प्रोडक्शन कंट्रोल रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन आधुनिक स्टूडियो की स्थापना के बाद उत्तर भारत लाइव ने न्यूज बुलेटिन, विशेष साक्षात्कार, वीडियो रिपोर्ट, परिचर्चा और पॉडकास्ट के क्षेत्र में भी अपनी सक्रियता बढ़ाई।

सीमित संसाधनों से शुरू हुए एक हिंदी दैनिक का अपनी प्रिंटिंग प्रेस, CTP मशीन और आधुनिक डिजिटल स्टूडियो तक पहुंचना आशीष कुमार ध्यानी की दूरदर्शिता, तकनीकी समझ और निरंतर परिश्रम का प्रमाण है।

उनके नेतृत्व में उत्तर भारत लाइव आज प्रिंट की विश्वसनीयता, डिजिटल मीडिया की रफ्तार और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की प्रभावशीलता—तीनों का सशक्त संगम बनकर उभरा है।

बेबाक और निडर पत्रकार के रूप में पहचान

आशीष कुमार ध्यानी अपनी बेबाक, स्पष्ट और निडर पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। सत्ता और व्यवस्था से जुड़े विषय हों अथवा आम जनता की समस्याएं—उन्होंने जनहित के मुद्दों को पूरी दृढ़ता के साथ उठाया है।

पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व मानने वाली उनकी कार्यशैली ने उन्हें उत्तराखंड के पत्रकारिता जगत में एक जाना-पहचाना चेहरा बनाया है। अपनी मेहनत, निरंतर सक्रियता और निर्भीक विचारों के बल पर उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है।

कठिन परिस्थितियों में भी अपने विचारों को स्पष्टता के साथ रखना और जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर मुखर होकर आवाज उठाना उनके व्यक्तित्व की विशेषता रही है।

पत्रकार हितों के लिए मुखर नेतृत्व

जनवरी 2025 से आशीष कुमार ध्यानी उत्तराखंड पत्रकार यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व निभा रहे हैं। इस भूमिका में वे पत्रकारों की समस्याओं, अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान से जुड़े विषयों को लगातार मजबूती से उठा रहे हैं।

उनका मानना है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए पत्रकारों का स्वतंत्र, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में कार्य करना आवश्यक है। यही कारण है कि पत्रकार हितों से जुड़े विषयों पर वे निर्भीकता से अपनी बात रखते हैं।

प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनका प्रयास पत्रकारों को संगठित करने, उनकी समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने का रहा है। पत्रकारों के हित में उनकी सक्रियता और निडर नेतृत्व ने उन्हें पत्रकार समुदाय के बीच भी विशिष्ट पहचान दिलाई है।

संघर्ष, संकल्प और सफलता की मिसाल

आशीष कुमार ध्यानी की यात्रा किसी स्थापित विरासत से मिली सफलता की कहानी नहीं, बल्कि अपने संघर्ष और परिश्रम से रास्ता बनाकर आगे बढ़ने की कहानी है।

सीमित संसाधनों से समाचार पत्र की शुरुआत, अपनी आधुनिक वेब ऑफसेट प्रिंटिंग मशीन और CTP मशीन की स्थापना तथा उसके बाद आधुनिक न्यूज स्टूडियो तैयार कर प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रभावशाली विस्तार, ये सभी उपलब्धियां उनकी दूरदर्शिता, परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम हैं।

आज उत्तर भारत लाइव केवल एक समाचार पत्र नहीं, बल्कि बदलते समय के साथ निरंतर आगे बढ़ता एक सशक्त मीडिया संस्थान है। इसके पीछे आशीष कुमार ध्यानी का वर्षों का संघर्ष, समर्पण और पत्रकारिता के प्रति अटूट विश्वास जुड़ा हुआ है।

उनकी यह यात्रा युवा पत्रकारों और नए उद्यमियों के लिए भी प्रेरणादायक है। आशीष कुमार ध्यानी ने अपने कार्यों से साबित किया है कि लक्ष्य स्पष्ट हो, नीयत ईमानदार हो और प्रयास निरंतर हों तो सीमित संसाधनों से हुई छोटी शुरुआत भी एक दिन बड़ी और प्रतिष्ठित पहचान बन सकती है।

 

Post Comment

You May Have Missed