यमकेश्वर के सिरासू को पर्यटन हब बनाने की तैयारी, वाटर पार्क से कॉटेज तक विकसित होंगी सुविधाएं, डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने किया क्षेत्र का भ्रमण, राफ्टिंग-बोटिंग की संभावनाएं तलाशने के दिए निर्देश
यमकेश्वर। पौड़ी जिले के यमकेश्वर विकासखंड के सिरासू क्षेत्र को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने तथा पर्यटकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। क्षेत्र के समग्र विकास के लिए वाटर पार्क, चिल्ड्रन पार्क, दुकानें और कॉटेज विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को भेजी जा चुकी है।
वाटर पार्क, कॉटेज और चिल्ड्रन पार्क से बढ़ेगा आकर्षण
जिलाधिकारी ने बच्चों के पार्क का निरीक्षण कर वहां आकर्षक झूले और सेल्फी पॉइंट विकसित करने के निर्देश दिए। पार्क में विद्युत व्यवस्था, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए प्राक्कलन तैयार करने को कहा गया। पार्किंग विकसित करने के लिए टिहरी प्रशासन से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए। पार्क का विकास ग्राम पंचायत तथा बच्चों के खेल मैदान का निर्माण ग्राम पंचायत और मनरेगा के माध्यम से कराने को कहा गया।
राफ्टिंग और बोटिंग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी
सिरासू क्षेत्र में राफ्टिंग और बोटिंग गतिविधियों की संभावनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन अधिकारी को संभावित स्थलों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। दुकानों के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि हस्तांतरण संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के साथ बोटिंग के लिए संबंधित क्षेत्र का चिन्हीकरण करने को कहा गया। इन गतिविधियों को शुरू करने से पहले नियमानुसार सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
नवंबर से युवाओं और महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय महिलाओं और युवतियों से संवाद कर उनकी प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को नवंबर से फोटोग्राफी, कैटरिंग और मेकअप आर्टिस्ट के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेने वाली युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए होटल संचालकों और फोटोग्राफरों से समन्वय स्थापित किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर सेवाओं का विस्तार होने के साथ युवाओं और महिलाओं के लिए आय के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
होमस्टे के लिए 10 नवंबर से पहले आवेदन करने की अपील
स्थानीय ग्रामीणों ने क्षेत्र में होमस्टे और ब्यूटी पार्लर स्थापित करने के प्रस्तावों की जानकारी दी। इस पर जिलाधिकारी ने इच्छुक लोगों को होमस्टे खोलने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उपयुक्त स्थलों का चिन्हीकरण करने और ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इच्छुक ग्रामीणों से 10 नवंबर से पहले होमस्टे के लिए आवेदन करने को कहा। क्षेत्र में कैंटीन विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
प्री-वेडिंग शूट डेस्टिनेशन की पहचान को मिलेगा विस्तार
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत की पहल की सराहना करते हुए कहा कि सिरासू को प्री-वेडिंग शूट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किए जाने से स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। हालांकि, प्री-वेडिंग शूट के लिए आने वाले लोग रात में यहां नहीं ठहरते हैं। ऐसे में पर्यटकों के ठहरने और अन्य सुविधाओं का विस्तार जरूरी है, ताकि क्षेत्र में उनकी मौजूदगी बढ़े और स्थानीय कारोबार को लाभ मिल सके। उन्होंने पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने और गंदगी की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों की ओर से बंदरों के आतंक की समस्या उठाए जाने पर वन विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
अंतरराष्ट्रीय शांति निकेतन का भी किया भ्रमण
जिलाधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय शांति निकेतन का भ्रमण कर वहां मौजूद पर्यटकों से बातचीत की और क्षेत्र में उपलब्ध पर्यटन सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। भ्रमण के दौरान ग्राम प्रधान पवित्रा देवी, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी, तहसीलदार वैभव जोशी, खंड विकास अधिकारी आकाश बेलवाल, एडीओ पंचायत आदेश सैनी, प्रीतम सिंह राणा और कानूनगो सत्यपाल चौहान सहित संबंधित अधिकारी व ग्रामीण मौजूद रहे।
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