स्वतंत्रता दिवस की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से छाए स्कूल, DM ने किया सम्मानित

स्वतंत्रता दिवस की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से छाए स्कूल, DM ने किया सम्मानित

पौड़ी : स्वतंत्रता दिवस समारोह को अपनी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से यादगार बनाने वाले विद्यालयों को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में सम्मानित किया। इस दौरान संबंधित विद्यालयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की प्रतिभा और उत्साह ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में नई ऊर्जा और उमंग भर दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे के भीतर प्रतिभा की अपनी चमक होती है, जिसे उचित मंच और प्रोत्साहन के माध्यम से निखारा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही उन्होंने बच्चों को मंच देने और उनकी प्रतिभा को निखारने में शिक्षकों के योगदान की भी सराहना की।

देशभक्ति और लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों ने जीता दिल

स्वतंत्रता दिवस समारोह में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पौड़ी नगर, राजमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर तिमली, राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय नंबर-5, नेहरू मॉन्टेसरी स्कूल सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया था।

विद्यार्थियों ने देशभक्ति, लोक संस्कृति और विभिन्न सामाजिक विषयों पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुतियों को समारोह में मौजूद लोगों ने खूब सराहा और विद्यार्थियों को जमकर तालियां मिलीं।

शिक्षकों ने जिलाधिकारी की पहल को सराहा

सम्मान समारोह के दौरान विद्यालय प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। राजमती देवी सरस्वती विद्या मंदिर तिमली के प्रधानाचार्य संजय ममगाईं ने कहा कि राष्ट्रीय पर्वों के मंच पर सरकारी विद्यालयों के बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे आयोजनों में विद्यार्थियों को पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रतिभाग करने का अवसर मिलता है। ऐसे मंच बच्चों की छिपी प्रतिभा को सामने लाने के साथ ही उनके आत्मविश्वास और मनोबल को भी बढ़ाते हैं।

वहीं नेहरू मॉन्टेसरी स्कूल की प्रधानाचार्या रचना सेमवाल ने कहा कि पहली बार ऐसा अवसर मिला, जब बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ उसे सम्मान और प्रोत्साहन भी प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि बच्चों की कला और प्रतिभा को इस तरह पहचान मिलना उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देता है।

सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

विद्यालय प्रतिनिधियों ने कहा कि जिलाधिकारी की इस पहल से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और बेहतर करने की प्रेरणा मिल रही है। ऐसे आयोजनों से विद्यालयों में सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलती है और बच्चों में आगे बढ़ने की ललक पैदा होती है।

इस अवसर पर मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, जिला खेल समन्वयक योगंबर सिंह नेगी सहित संबंधित विद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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