उत्तरकाशी में 4.2 तीव्रता का भूकंप, घरों से बाहर निकले लोग
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रात करीब 8 बजकर 7 मिनट पर धरती डोलने से लोगों में दहशत फैल गई। भूकंप का कंपन महसूस होते ही कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। जनपद मुख्यालय उत्तरकाशी के साथ यमुनोत्री घाटी के कुछ क्षेत्रों में भी झटके महसूस किए जाने की सूचना है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक आए झटकों से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यमुनोत्री घाटी के खरसाली गांव के तीर्थ पुरोहित पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि रात करीब 8:07 बजे भूकंप का तेज झटका महसूस हुआ। उनके मुताबिक, कंपन इतना स्पष्ट था कि घर के भीतर रखे टीवी हिलते दिखाई दिए। इसके बाद लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए।
प्रशासन ने सभी तहसीलों और थाना-चौकियों से ली जानकारी
भूकंप के झटके महसूस होने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया। प्रशासन ने जनपद की समस्त तहसीलों और थाना-चौकियों से स्थिति की जानकारी जुटाई। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, फिलहाल जिले में भूकंप के कारण किसी प्रकार की जन-धन की क्षति होने की जानकारी नहीं मिली है।
प्रशासन के मुताबिक, तहसील मोरी और पुरोला में भूकंप के झटके महसूस नहीं किए गए। जनपद में स्थिति सामान्य बताई गई है। हालांकि, भूकंप की तीव्रता, केंद्र और गहराई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है उत्तरकाशी
उत्तरकाशी हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे में धरती में कंपन महसूस होने पर लोगों में चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के दौरान घबराने के बजाय सावधानी बरतना जरूरी है। झटके महसूस होने पर घर के भीतर मजबूत मेज के नीचे बैठकर सिर और गर्दन को ढकें तथा खिड़कियों, कांच और भारी सामान से दूरी बनाए रखें। झटके रुकने के बाद सुरक्षित तरीके से खुले स्थान पर जाएं और लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
फिलहाल राहत की बात यह है कि 4.2 तीव्रता के भूकंप के बाद उत्तरकाशी जिले में किसी प्रकार की जन-धन की क्षति की सूचना नहीं है।
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