योग अनुदेशकों ने मानदेय बढ़ाने समेत चार मांगें उठाईं

योग अनुदेशकों ने मानदेय बढ़ाने समेत चार मांगें उठाईं

  • केंद्र के साथ राज्य सरकार से अंशदान देने और स्पष्ट सेवा नियमावली बनाने की मांग

देहरादून। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सेवाएं दे रहे योग अनुदेशकों ने मानदेय बढ़ाने समेत चार सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार से ठोस निर्णय लेने की मांग की है। योग अनुदेशक संगठन उत्तराखंड ने कहा कि वर्तमान मानदेय और सेवा व्यवस्था उनके कार्य और जिम्मेदारियों के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। संगठन ने केंद्र के साथ राज्य सरकार से भी अंशदान देने की मांग की है।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राम मोहन सिंह रावत ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग अनुदेशक नियमित रूप से योग सत्र संचालित कर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें वर्तमान में केंद्र सरकार के अंश से 250 रुपये प्रति सत्र मानदेय मिल रहा है। संगठन का कहना है कि इतनी राशि में अनुदेशकों के लिए आर्थिक रूप से काम करना मुश्किल है।

संगठन ने मांग की है कि केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार भी अपना अंशदान दे, ताकि योग अनुदेशकों को संयुक्त अंशदान से सम्मानजनक मानदेय मिल सके। उनका कहना है कि मानदेय में सुधार से अनुदेशक अपने पारिवारिक और आर्थिक दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।

संगठन ने महिला और पुरुष योग अनुदेशकों के लिए समान कार्य, समान सत्र और समान मानदेय लागू करने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा योग अनुदेशकों को केवल एक घंटे के योग सत्र तक सीमित रखने के बजाय आयुष्मान आरोग्य मंदिर की निर्धारित कार्यप्रणाली और दायित्वों के अनुरूप कार्य सौंपने तथा उसके अनुरूप मानदेय तय करने की मांग की गई है।

योग अनुदेशकों ने सेवा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन ने सरकार से स्पष्ट और पारदर्शी सेवा नियमावली बनाने की मांग की है। इसमें अनुदेशकों के अधिकार, कर्तव्य, मानदेय, कार्य अवधि और अवकाश सहित अन्य सेवा शर्तें स्पष्ट करने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि स्पष्ट नियमावली से अनुदेशकों के हित सुरक्षित होंगे और मनमानी की स्थिति पर रोक लगेगी।

संगठन ने सरकार से इन मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि आर्थिक और सेवा संबंधी सुरक्षा मिलने पर योग अनुदेशक जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में और अधिक प्रभावी ढंग से सेवाएं दे सकेंगे।

संगठन के प्रदेश सचिव राजेश सैमवाल, कोषाध्यक्ष विजया नेगी, उपाध्यक्ष भारती अग्रवाल और सीमा डंगवाल, संगठन मंत्री बंदना बिष्ट, मीडिया प्रभारी जगदीश मेहरा, संरक्षक मंडल के भास्करानंद मिश्रा, आलेंद्र भंडारी और कुसुम नेगी सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी मांगों के समर्थन में सरकार से कार्रवाई की अपेक्षा जताई।

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