दुर्गम पहाड़ी से छह मृतकों के शव निकाले, एम्स ऋषिकेश भेजे

दुर्गम पहाड़ी से छह मृतकों के शव निकाले, एम्स ऋषिकेश भेजे

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ के समीप हुए हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों के पार्थिव शरीरों को दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र से रेस्क्यू कर लिया गया है। चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों और कठिन रास्तों के बीच कई घंटे चले संयुक्त अभियान के बाद रेस्क्यू टीमों ने सभी शवों को सड़क मार्ग तक पहुंचाया। इसके बाद सभी पार्थिव शरीरों को हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश भेज दिया गया।

हादसे के बाद से ही घटनास्थल पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया जा रहा था। दुर्घटनास्थल ऊंचाई वाले दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण रेस्क्यू टीमों को शवों तक पहुंचने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पहाड़ी रास्तों की कठिन बनावट और विषम परिस्थितियों के बावजूद बचाव दलों ने अभियान जारी रखा। भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिवादन बल (एनडीआरएफ), पुलिस, जिला प्रशासन और वन विभाग की टीमें संयुक्त रूप से अभियान में जुटी रहीं।

रेस्क्यू टीमों के जवान पैदल ही कठिन पहाड़ी रास्तों से घटनास्थल तक पहुंचे। इसके बाद सभी छह मृतकों के पार्थिव शरीरों को बाहर निकालकर सड़क मार्ग तक पहुंचाया गया। यहां से शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जोशीमठ लाया गया। अस्पताल में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी पार्थिव शरीरों को एनटीपीसी हेलीपैड पहुंचाया गया। एनटीपीसी हेलीपैड से हेलीकॉप्टर के माध्यम से सभी छह पार्थिव शरीरों को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश भेज दिया गया है। वहां आगे की आवश्यक चिकित्सकीय एवं कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

इस हादसे के बाद दुर्गम क्षेत्र में चलाया गया रेस्क्यू अभियान सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती रहा। सेना से लेकर आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ अभियान को अंजाम दिया। सभी छह शवों को घटनास्थल से निकालकर सड़क मार्ग और फिर हवाई मार्ग से ऋषिकेश पहुंचाने के साथ बचाव अभियान का यह महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।

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