जोशीमठ–औली रोपवे को मिलेगी नई तकनीक की सौगात, गोरसों स्लोप तक होगा विस्तार – पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल

जोशीमठ–औली रोपवे को मिलेगी नई तकनीक की सौगात, गोरसों स्लोप तक होगा विस्तार – पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल

गोपेश्वर (चमोली)। जोशीमठ-औली रोपवे को अब नई तकनीक की सौगात मिलने जा रही है। इसके तहत अब रोपवे का विस्तार गोरसों स्लोप तक होगा। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जोशीमठ-औली रोपवे 32 साल पुराना हो गया है। टेक्नोलॉजी के हिसाब से अब नए-नए रोपवे बनने लगे है। इसके चलते औली रोपवे को भी नई तकनीक के जरिए बनाने की कवायद शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि इसके लिए डीपीआर भी तैयार कर दी गई है। औली से गोरसों तक रोपवे का विस्तार करने का सरकार ने निर्णय ले लिया है। इन सबकी डीपीआर तैयार होने के पश्चात जल्द टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। इससे अब रोपवे के बंद पड़ने की समस्या से निजात मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि जोशीमठ भू-धंसाव के चलते संभावित खतरे को देखते हुए रोपवे को बंद कर दिया गया था। अब इस तरह के सवालों से निजात पाने के लिए नई तकनीक की रोपवे स्थापित की जाएगी।

औली में स्नो मेकिंग मशीन के बारे में पूछे गए सवाल के जबाव में पर्यटन सचिव गर्ब्याल ने बताया कि हिमाचंल के विशेषज्ञों को यहां बुला लिया गया है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर स्नो मेकिंग मशीन के सवाल पर निर्णय लिया जाएगा। विशेषज्ञ यदि इस बात की सिफारिश करते है कि नई मशीन लगाई जानी है तो इस पर भी सरकार जल्द निर्णय ले लेगी। उनका कहना था कि आइस स्केटिंग के लिए सवा करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी गई है।

उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की कवायद भी तेजी से चल रही है। बताया कि टिहरी में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 17 देशों के प्रतिभागियों ने भाग लिया था। अब उत्तराखंड राज्य के हर जनपद में साल भर में एक-एक इवेंट आयोजित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे है। इससे वर्ष भर स्थानीय प्रकृति के एडवेंचर टूरिज्म फेस्टेविल आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अल्ट्रा मैराथन रेस को आगामी 31 मई से नीती घाटी से आयोजित किया जा रहा है। 75 किमी की यह रेस होम स्टे को प्रोत्साहित करने में मददगार बनेगी। पर्यटन सचिव ने कहा कि 90 के दशक में हिमालयन कार रैली गढ़वाल तथा कुमाऊं मंडलों में आयोजित की गई थी। इस बार भी इस तरह की कवायद की जा रही है। उर्गम से उखीमठ तक ट्रेल रेस आयोजित की जाएगी। इसमें सेना का सहयोग भी लिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह कवायद की जा रही है। इसके अलावा नेलांग घाटी से भी ट्रेल रेस का आयोजन होगा। पर्यटन सचिव का कहना था कि पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। उत्तराखंड को टूरिज्म हब बनाने की यह पहल भविष्य में मील का पत्थर साबित होगी।

Previous post

औली में विंटर कार्निवाल में देशभर के स्कीइंग खिलाड़ियों की चहल पहल

Next post

उधमसिंह नगर कार्निवाल सरस आजीविका मेला-2026 का शुभारम्भ, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 295.21 करोड़ के विकास कार्यो का किया लोकार्पण व शिलान्यास

Post Comment

You May Have Missed