ज्योतिर्मठ क्षेत्र में उमड़ा भक्ति का सैलाब, मां कालिका रथयात्रा के समापन अनुष्ठान शुरू

ज्योतिर्मठ क्षेत्र में उमड़ा भक्ति का सैलाब, मां कालिका रथयात्रा के समापन अनुष्ठान शुरू

​ज्योर्तिमठ । जनपद चमोली के विकासखण्ड (ज्योतिर्मठ) के अंतर्गत भर्की, भेटा, पिलखी और ज्याणा अरोसी क्षेत्रों में इन दिनों भक्ति और अटूट आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। बद्रीनाथ धाम की पावन यात्रा और विभिन्न गांवों में श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देने के पश्चात मां कालिका अपने मूल स्थान पर विराजमान हो चुकी हैं, जिसके साथ ही ‘मां कालिका मायाधार देवी देवरा (रथयात्रा)’ के समापन वर्ष 2025-2026 के औपचारिक कार्यक्रमों का शिलान्यास हो गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित होने वाले मुख्य अनुष्ठान 9 फरवरी 2026 से शुरू होकर 23 फरवरी 2026 तक चलेंगे, जिनकी रूपरेखा मेला कमेटी द्वारा भव्य रूप से तैयार की गई है।

कार्यक्रम के विवरण के अनुसार, आगामी 9 फरवरी को ‘श्री गणेश भत्ता’ के साथ उत्सव का विधि-विधान से शुभारंभ होगा, जिसके बाद क्रमानुसार भूमियाल भत्ता, स्वतूल भत्ता, पदान भत्ता, पुजारी भत्ता और कालिका भत्ता जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पड़ाव संपन्न होंगे। इस दौरान प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक पारंपरिक घोड़ित नृत्य, मुखौटा नृत्य, डुकुड़ी और छानी छो की प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी, जबकि बीच-बीच में होने वाले ‘देवता नृत्य’ से संपूर्ण क्षेत्र का वातावरण अलौकिक हो उठेगा। यात्रा के अंतिम पड़ाव में 19 फरवरी को ‘न्यूतार बुलावा’ व माता का वन्यात प्रस्थान होगा और 22 फरवरी को समस्त देवी-देवताओं के अवतरण (घणचक्र) के साथ ‘न्यूतार विदाई’ का भावुक क्षण आएगा। अंततः 23 फरवरी 2026 को ब्रह्ममुहूर्त में दोनों देवियां अपने मूल स्थान पर प्रतिष्ठित की जाएंगी, जिसके उपरांत वृहद हवन-पूजन के साथ इस 15 दिवसीय महाकुंभ का समापन होगा। मेला कमेटी, महिला व युवक मंगल दल भर्की-भेटा ने समस्त भक्तजनों से इस पुण्य आयोजन में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ कमाने का आह्वान किया है।

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