16 नवंबर से स्व-गणना, संस्कृत में होंगी कार्यालयों की नाम पट्टिकाएं

16 नवंबर से स्व-गणना, संस्कृत में होंगी कार्यालयों की नाम पट्टिकाएं

  • एकीकृत कृषि मॉडल से बढ़ेगी किसानों की आय, महिला समूहों को सीएससी से जोड़ने के निर्देश

गोपेश्वर (चमोली)। जनगणना में अब लोग खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए 16 नवंबर से स्व-गणना शुरू होगी, जबकि एक दिसंबर से चार जनवरी तक जनगणना का कार्य चलेगा। अधिकाधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आमजन को जागरूक किया जाएगा। गुरुवार को पीपलकोटी में विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए सचिव संस्कृति, शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार ने विभागीय जनगणना की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।

सचिव ने सभी कार्यालयाध्यक्षों को अपने कार्यालयों में संस्कृत भाषा में नाम पट्टिकाएं लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की द्वितीय राजभाषा संस्कृत के प्रचार-प्रसार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन और पशुपालन को जोड़कर एकीकृत कृषि मॉडल विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप इन गतिविधियों को एक साथ जोड़ने से संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होगा और किसानों की आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते खुलेंगे।

महिला सशक्तीकरण के तहत स्वयं सहायता समूहों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से जोड़ने और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के निर्देश दिए। विद्यालयों में बालिका शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने को भी कहा, ताकि छात्राओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित सुविधाएं मिल सकें। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में सचिव ने जन औषधि केंद्रों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आमजन को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।

इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी पंकज उप्रेती, अधिशासी अभियंता तनुज काम्बोज, जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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