उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले : सहकारिता नीति से लेकर उपनल कर्मियों के समान वेतन तक, 17 प्रस्तावों पर मुहर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार, स्वास्थ्य, ऊर्जा, शहरी विकास और कर्मचारी हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी देने के साथ ही उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की प्रक्रिया, 1320 मेगावाट बिजली खरीद, मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन और शहरी भूमि अभिलेखों के आधुनिक सर्वेक्षण समेत कुल 17 प्रस्तावों पर सहमति दी।
सहकारिता क्षेत्र के लिए नई नीति
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 प्रख्यापित करने का निर्णय लिया। नीति का उद्देश्य राज्य की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप सहकारी संस्थाओं को मजबूत, पारदर्शी, जवाबदेह, तकनीक-सक्षम और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाना है।
नीति में सात रणनीतिक मिशन तय किए गए हैं। इनमें सहकारी संस्थाओं की नींव मजबूत करना, उनकी जीवंतता को बढ़ावा देना, भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करना, समावेशिता बढ़ाना, नए क्षेत्रों में सहकारिता का विस्तार, युवाओं को सहकारी आंदोलन से जोड़ना तथा आर्थिक व्यवहार्यता और विविधीकरण शामिल हैं। इसके जरिए रोजगार, वित्तीय समावेशन, महिला एवं युवा सशक्तीकरण तथा पलायन से पुनर्वास को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
वेतन मैट्रिक्स में संशोधन
सरकारी सेवकों के वेतन निर्धारण से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। उत्तराखंड सरकारी सेवक वेतन नियम-2016 की अनुसूची-1 में लेवल-13 क के बाद सीधे लेवल-15 और लेवल-16 का प्रावधान था। अब इसे केंद्र सरकार की व्यवस्था के अनुरूप संशोधित किया जाएगा।
इसके तहत ₹1,44,200-2,18,200 के वेतनमान को लेवल-15 के स्थान पर लेवल-14 और ₹1,82,200-2,24,100 के वेतनमान को लेवल-16 के स्थान पर लेवल-15 माना जाएगा। संबंधित विभागीय पद संरचनाओं और सेवा नियमावलियों में भी इसी के अनुरूप संशोधन किया जाएगा।
सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों पर ग्रीन सेस में बदलाव
मोटर वाहन कराधान से जुड़े प्रस्ताव में सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों को मिल रही कर छूट की समीक्षा की गई। सरकार के अनुसार वर्तमान में इन वाहनों की संख्या बढ़ रही है और मोटर वाहन कर में छूट के कारण राजस्व पर असर पड़ रहा है। ऐसे में सीएनजी एवं हाइब्रिड वाहनों को क्रमबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाने की दिशा में निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग में नए नियम और मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन
कैबिनेट ने उत्तराखंड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सांख्यिकीय संवर्ग समूह क, ख एवं ग सेवा नियमावली-2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी।
इसके साथ ही दवाओं, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण और इंप्लांट्स की समयबद्ध एवं पारदर्शी खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन के प्रस्ताव पर भी सहमति दी गई। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक सामग्री की उपलब्धता में तेजी लाना और मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
हरिद्वार मेडिकल कॉलेज की जमीन पर खुलेगी NCDC शाखा
राज्य में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की शाखा स्थापित करने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में उपलब्ध 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ जमीन 99 वर्ष की लीज पर मात्र एक रुपये में देने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
NCDC की शाखा स्थापित होने से रोग निगरानी, महामारी की जांच और संक्रमण के प्रकोप से निपटने के लिए राज्य की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होगी। यहां बीएसएल-3 स्तर की प्रयोगशाला सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
कारागार विभाग में पदोन्नति कोटा तय
उप कारापाल के पदों पर पदोन्नति के लिए नए प्रावधान किए गए हैं। 25 प्रतिशत पदोन्नति कोटे में 90 प्रतिशत पद प्रधान बंदीरक्षकों और 10 प्रतिशत पद महिला बंदीरक्षकों से भरे जाने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए उत्तराखंड कारागार उप कारापाल अधीनस्थ सेवा संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई।
लोकायुक्त खोजबीन समिति के लिए नियमावली
लोकायुक्त संस्था के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए उपयुक्त नामों का पैनल तैयार करने वाली खोजबीन समिति की कार्यप्रणाली तय करने के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति के कार्यकलापों का निर्धारण नियमावली-2026 तैयार करने पर सहमति बनी।
शहरी आबादी का होगा आधुनिक भूमि सर्वेक्षण
कैबिनेट ने उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी। इसके तहत शहरी आबादी वाले क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक से भूमि का सर्वेक्षण किया जाएगा।
जीआईएस, हवाई सर्वेक्षण और ग्राउंड सर्वेक्षण को एकीकृत कर डिजिटल भू-अभिलेख तैयार किए जाएंगे। इससे भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने, शहरी नियोजन और संपत्ति लेनदेन को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
बीज निगम के 85 कर्मचारियों को अन्य विभागों में भेजने का रास्ता साफ
उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के 22 तृतीय श्रेणी और 63 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, यानी कुल 85 कार्मिकों को अन्य विभागों में सेवा स्थानांतरण के आधार पर भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
ये कर्मचारी जनपद ऊधमसिंहनगर और आसपास के जिलों के विभिन्न विभागों में अधिकतम 10 वर्ष या सेवानिवृत्ति से तीन माह पूर्व तक, जो पहले हो, सेवा दे सकेंगे। सरकार के अनुसार इससे निगम के वेतन और प्रशासनिक खर्च में कमी आएगी तथा बीज उत्पादन की लागत घटाने में मदद मिलेगी।
रिस्पना किनारे की मलिन बस्ती के 116 परिवारों को आवास
देहरादून में रिस्पना नदी के किनारे बसी मलिन बस्ती के चयनित परिवारों को काठबंगला में निर्मित 116 आवास आवंटित किए जाएंगे। कैबिनेट ने नगर निगम देहरादून द्वारा चयनित लाभार्थियों को आवास देने के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की।
यूयूएसडीए में 94 अस्थायी पदों का सृजन
उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) की विभिन्न परियोजनाओं के सुचारू संचालन के लिए 94 अस्थायी गैर-संवर्गीय पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं में पेयजल, सीवरेज, सड़क, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक परिवहन, घाटों का सौंदर्यीकरण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे कार्य शामिल हैं।
कैंसर मरीजों के लिए हॉस्पिस सेंटर को स्टांप शुल्क में छूट
अंत्योदय फाउंडेशन द्वारा ऋषिकेश में कैंसर मरीजों के लिए हॉस्पिस केयर सेंटर स्थापित किए जाने के लिए संपत्ति को फाउंडेशन के पक्ष में गिफ्ट डीड किए जाने पर ₹8.87 लाख की स्टांप ड्यूटी से छूट देने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने सहमति दी।
उत्तरांचल विश्वविद्यालय के परिनियम को मंजूरी
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2023 के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय परिनियम-2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई। इससे विश्वविद्यालय के संचालन से जुड़े नियमों और आनुषांगिक विषयों को विनियमित किया जा सकेगा।
उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य, समान वेतन का रास्ता साफ
कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने से जुड़ा रहा। सरकार ने इसे तीन चरणों में लागू करने पर सहमति दी है।
पहले चरण में 1 जनवरी 2016 से पूर्व नियुक्त कर्मचारियों के संबंध में कार्यवाही चल रही है। दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों को समान वेतन देने की कार्यवाही 9 नवंबर 2026 से शुरू होगी। तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कर्मचारियों के लिए कार्यवाही 1 अप्रैल 2027 से शुरू की जाएगी।
इसके अलावा 1 जनवरी 2016 से पहले से कार्यरत और वर्तमान में सेवा दे रहे उपनल कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ते का लाभ देने का निर्णय लिया गया है। अतिरिक्त उपनल कर्मचारियों के समायोजन के लिए स्वीकृत पदों को प्राथमिकता दी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अधिसंख्य पदों के सृजन की व्यवस्था की जाएगी।
अग्निवीरों के लिए बनेगा समर्पित प्रकोष्ठ
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सेवामुक्त अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। इसके लिए छह संविदा पद स्वीकृत किए गए हैं।
इनमें एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर का पद शामिल है।
25 साल के लिए 1320 मेगावाट बिजली खरीद को मंजूरी
ऊर्जा क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लिया। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा अडानी पावर लिमिटेड से 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
यह बिजली ₹5.746 प्रति यूनिट के कुल टैरिफ पर 25 वर्षों के लिए खरीदी जाएगी। इसमें 1234 मेगावाट अनुबंधित क्षमता होगी। यूपीसीएल को अडानी पावर के साथ पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) पर हस्ताक्षर करने तथा आवश्यक नियामकीय स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे राज्य में बेस-लोड बिजली की विश्वसनीय आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
शहीद सैनिकों के सम्मान में गांवों में लगेंगी प्रतिमाएं
कैबिनेट ने उत्तराखंड के शहीद सैनिकों के सम्मान में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। शहीद सैनिकों की प्रतिमाएं उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी।
सरकार का उद्देश्य शहीदों की वीरता और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा उनके परिजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। इस पहल से गांवों में शहीद सैनिकों की स्मृतियों को स्थायी रूप से जीवित रखने और युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
कैबिनेट के फैसलों का व्यापक असर
मंत्रिमंडल के इन फैसलों में एक ओर सहकारिता, स्वास्थ्य, ऊर्जा और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में संस्थागत सुधार पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर उपनल कर्मचारियों, अग्निवीरों और शहीद सैनिकों से जुड़े निर्णयों के जरिए कर्मचारी एवं सामाजिक कल्याण को भी प्राथमिकता दी गई है। भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, मेडिकल खरीद की नई व्यवस्था और रोग नियंत्रण ढांचे के विस्तार से प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी क्षमता बढ़ाने की कोशिश की गई है।
Post Comment