राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर आंकड़ों की उपयोगिता पर मंथन

राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर आंकड़ों की उपयोगिता पर मंथन

गोपेश्वर (चमोली)। राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय, में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रो. पीसी महालनोबिस को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया गया तथा प्रशासनिक आंकड़ों की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी विनय जोशी ने प्रो. महालनोबिस के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय एवं सटीक आंकड़े किसी भी देश और राज्य के आर्थिक विकास, प्रभावी योजना निर्माण तथा जनकल्याणकारी नीतियों के निर्धारण का मजबूत आधार होते हैं। बदलते समय में प्रशासनिक आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण और उनका प्रभावी उपयोग सुशासन तथा बेहतर निर्णय प्रक्रिया के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को उजागर करना रखी गई है। संगोष्ठी में प्रशासनिक आंकड़ों के बेहतर संकलन, विश्लेषण और उपयोग के माध्यम से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनहित में नीति निर्माण को अधिक सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।

इस दौरान अपर सांख्यिकी अधिकारी भूपाल सिंह, अरविंद यादव, सहायक सांख्यिकीय अधिकारी विश्व दीपक गौड़ आदि मौजूद रहे।

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