आयुष मंत्री मदन कौशिक की पहल से समाप्त हुआ आयुष चिकित्सकों का आंदोलन, सात सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति

आयुष मंत्री मदन कौशिक की पहल से समाप्त हुआ आयुष चिकित्सकों का आंदोलन, सात सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति

देहरादून : राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ द्वारा सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में 15 जून से निदेशालय परिसर में चलाया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना एवं पूर्ण कार्य बहिष्कार आंदोलन तीसरे दिन सफल त्रिपक्षीय वार्ता के उपरांत समाप्त हो गया। प्रदेशभर से आए आयुष चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की एकजुटता ने आंदोलन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

आंदोलन के तीसरे दिन आयुष मंत्री मदन कौशिक के विधानसभा स्थित कार्यालय में महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। बैठक में शासन एवं विभाग की ओर से सचिव आयुष रंजना राजगुरु, अपर सचिव विजय कुमार जोगदंडे, डिप्टी सचिव हनुमान तिवारी, सेक्शन ऑफिसर शैलजा सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं प्रांतीय संघ की ओर से प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली, प्रांतीय महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत, डॉ. हर्षवर्धन सिंह धामी, डॉ. हरिमोहन त्रिपाठी एवं डॉ. रामकिशोर भट्ट ने सहभागिता करते हुए चिकित्सकों की लंबित समस्याओं एवं सात सूत्रीय मांगों को मजबूती से रखा।

बैठक के दौरान संघ द्वारा संवर्ग निदेशक की नियुक्ति, एसीपी लाभ, लंबित डीएसीपी, सेवा संबंधी विसंगतियों के निराकरण तथा अन्य विभागीय प्रकरणों सहित सभी सात सूत्रीय मांगों को विस्तारपूर्वक रखा गया। माननीय मंत्री जी ने प्रत्येक बिंदु पर गंभीरतापूर्वक चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। वार्ता के दौरान सभी मांगों पर सकारात्मक वातावरण में विचार-विमर्श हुआ तथा विभिन्न प्रकरणों पर समयबद्ध कार्यवाही किए जाने की सहमति बनी।

आयुष मंत्री ने संघ को पूर्ण आश्वासन देते हुए कहा कि सभी मांगों पर निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने एवं लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। आयुष मंत्री मदन कौशिक द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन एवं समयबद्ध कार्यवाही के भरोसे के बाद प्रांतीय संघ ने आंदोलन स्थगित करने एवं धरने का समापन करने की घोषणा की। 

धरना स्थल पर प्रान्तीय संघ द्वारा चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के बीच मिष्ठान वितरण कर आंदोलन की विधिवत समाप्ति की घोषणा की गई। इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों ने आयुष मंत्री मदन कौशिक का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।

धरना स्थल पर तीसरे दिन प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए 500 से अधिक आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट, मिनिस्टीरियल कर्मचारी एवं अन्य सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। धरना स्थल पर डॉ. वीरेंद्र चंद, डॉ. विक्रम रावत, डॉ. गजेन्द्र सिंह बसेड़ा, डॉ. दुष्यंत पाल, डॉ. दीपांकर बिष्ट, डॉ. राकेश खाती, डॉ. सुगम तिवारी, डॉ. त्रिभुवन बेंजवाल, डॉ. एजल पटेल, डॉ. सुधाकर, डॉ. दीपक गंगवार, डॉ. विवेक, डॉ. अनुपमा, डॉ. दीपा, डॉ. नीतू सहित प्रांतीय एवं जिला कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने आंदोलन को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया और संगठन की अभूतपूर्व एकता का परिचय दिया।

प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली एवं प्रांतीय महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत ने आंदोलन में सहभागी सभी चिकित्साधिकारियों, कर्मचारी संगठनों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संघ शासन द्वारा दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन पर सतत निगरानी रखेगा। उन्होंने कहा कि संगठन सदैव चिकित्सकों एवं विभागीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर भविष्य की रणनीति भी निर्धारित की जाएगी।

धरने के समापन के उपरांत समस्त चिकित्साधिकारी आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों तथा जनहित में स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारु संचालन हेतु अपने-अपने चिकित्सालयों को प्रस्थान कर गए। संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही करते हुए सभी लंबित मांगों का समाधान किया जाएगा।

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