दरकने लगी काली चट्टान, जान जोखिम में डालकर हो रही आवाजाही

दरकने लगी काली चट्टान, जान जोखिम में डालकर हो रही आवाजाही

गोपेश्वर (चमोली)। दशोली ब्लाॅक की निजमुला घाटी को जिला मुख्यालय गोपेश्वर से जोड़ने वाली एकमात्र मुख्य सड़क काली चट्टान क्षेत्र में एक बार फिर से पहाड़ी से गिर रहे पत्थर हादसों को न्यौता दे रहे हंै। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से तत्काल स्थाई उपचार की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि लापरवाही की स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

निजमुला घाटी की जीवनरेखा मानी जाने वाली मुख्य सड़क काली चट्टान एक बार फिर से दरकने लगी है। इससे घाटी के हजारों लोगों की आवाजाही पर संकट आ खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि काली चट्टान क्षेत्र लंबे समय चट्टान से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है। लेकिन अभी तक इसका कोई स्थाई समाधान नहीं किया गया है। प्रति वर्ष बरसात के मौसम में यहां आवाजाही कठिन हो जाती है। क्षेत्रीय लोगो का कहना है कि प्रतिदिन स्कूली बच्चे, मरीज, बुजुर्ग और नौकरीपेशा लोग यहां से गुजरते हैं। सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यहां सफर करना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।

क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता रणवीर सिंह नेगी ने शासन एवं प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रभावित हिस्से का स्थायी ट्रीटमेंट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसी स्थिति में होने वाली जनहानि और नुकसान की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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