डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने PHC दुगड्डा का किया औचक निरीक्षण, जर्जर भवन पर सख्त रुख, लैब व डायग्नोस्टिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश, प्रभारी चिकित्साधिकारी का रोका वेतन

डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने PHC दुगड्डा का किया औचक निरीक्षण, जर्जर भवन पर सख्त रुख, लैब व डायग्नोस्टिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश, प्रभारी चिकित्साधिकारी का रोका वेतन


  • स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार हेतु डीएम के निर्देश, अव्यवस्थाओं पर प्रभारी चिकित्साधिकारी का वेतन रोका गया
  • संस्थागत प्रसव बढ़ाने, दवाओं का डिजिटल रिकॉर्ड व नियमित निरीक्षण पर विशेष जोर

पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दुगड्डा का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन की जर्जर स्थिति, चिकित्सा सुविधाओं की कमी एवं व्यवस्थागत खामियों पर गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पीएचसी भवन की जर्जर स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देशित किया कि यदि भवन उपयोग के योग्य नहीं है तो उसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाए, अन्यथा प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रचार-प्रसार सामग्री के लंबे समय से भंडारण पर नाराजगी जताते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्रों में शीघ्र वितरित करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं की जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुंच सके।

निरीक्षण के दौरान फ्री डायग्नोस्टिक सेवा के प्रतिनिधि ओपीडी समय पर भी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने उनके बिल भुगतान और रोक लगाने के निर्देश सीएमओ को दिए। लैब टेक्नीशियन एवं डायग्नोस्टिक सुविधाओं के अभाव को गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को इसकी समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने ओपीडी, दवा वितरण व्यवस्था, बायोमेट्रिक उपस्थिति, दवा भंडारण एवं उपलब्धता का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सालय में उपलब्ध दवाओं की सूची को डिजिटल रूप में तैयार करने तथा नियमित अद्यतन रखने पर जोर दिया, जिससे दवाओं की उपलब्धता की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके।

निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों से संवाद करते हुए उन्होंने क्षेत्र में बीपी एवं हाइपरटेंशन के बढ़ते मामलों की जानकारी ली और इनके प्रभावी उपचार एवं निगरानी के निर्देश दिए। आशा कार्यकर्ताओं एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि पिछले चार माह में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा कराए गए प्रसवों का सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि आशा समन्वयक द्वारा गर्भवती महिलाओं एवं संस्थागत प्रसवों का समुचित सत्यापन नहीं किया जा रहा है तथा जमीनी स्तर पर निगरानी भी प्रभावी नहीं है। इस पर उन्होंने सीएमओ कार्यालय को तत्काल सत्यापन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समयबद्ध तरीके से सत्यापन नहीं किया गया तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अस्पताल में उपलब्ध उपकरणों, शल्य कक्ष, लैब, पेयजल एवं शौचालय व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उपकरणों की जानकारी लेने पर स्टॉक रजिस्टर नहीं पाया गया, जिस पर प्रभारी चिकित्साधिकारी की अनभिज्ञता पर नाराजगी जताते हुए सभी उपकरणों का अद्यतन रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही उपकरणों के समुचित संधारण पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने लेडी मेडिकल ऑफिसर को निर्देशित किया कि जिन गर्भवती महिलाओं का आगामी दो माह में प्रसव संभावित है, उनसे नियमित संपर्क बनाए रखते हुए बर्थ प्लानिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिल सके। साथ ही जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को नियमित निरीक्षण, बैठक एवं समीक्षा सुनिश्चित करने, क्षेत्रीय भ्रमण पंजिका को अद्यतन रखने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी, नायब तहसीलदार राजेंद्र सेमवाल, खंड विकास अधिकारी विद्यादत्त रतूड़ी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Previous post

वनाग्नि रोकथाम को लेकर डीएम स्वाति एस. भदौरिया सख्त, 01 मई से फायर अलार्म सिस्टम लागू, लापरवाहों पर होगी सख्त कार्रवाई

Next post

स्वच्छता ही सेवा- केदारनाथ में एक सप्ताह में जमा किया एक हजार किलो प्लास्टिक वेस्ट, ग्रीन चारधाम यात्रा के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल रंग लाई

Post Comment

You May Have Missed