उक्रांद नेता काशी सिंह ऐरी व पुष्पेश त्रिपाठी को पुलिस ने पांडुवाखाल में किया गिरफ्तार
गोपेश्वर (चमोली)। गैरसैण स्थाई राजधानी घोषित करने को लेकर विधायकों को भराड़ीसैण से वापस न जाने देने के लिए उक्रांद के दिग्गज नेता काशी सिंह ऐरी तथा पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी को पुलिस ने पांडुवाखाल में रोक कर गिरफ्तार कर लिया। इसके चलते दोनों दिग्गज नेता भराड़ीसैण नहीं पहुंच पाए। दरअसल उक्रांद ने भराड़ीसैण में चल रहे बजट सत्र के दौरान ही गैरसैण स्थाई राजधानी को घोषित करने के लिए विधायकों को भराड़ीसैण न जाने देने की रणनीति अपनाई है। इसके तहत गुरूवार को विधायक प्रमोद नैनवाल तथा शहजाद को सिमली में रोक दिया था। पुलिस ने किसी तरह दोनों विधायकों को गंतव्य को रवाना किया था। इस दौरान उक्रांद युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी समेत 20-25 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर मालसी स्थित अस्थाई जेल में रखा गया था। देर रात सभी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रिहा कर दिया था।
उक्रांद के विधायकों को रोकने के कार्यक्रम में भाग लेने शुक्रवार को पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी तथा पुष्पेश त्रिपाठी समेत तमाम कार्यकर्ता गैरसैण को आ रहे थे कि पुलिस ने उन्हें पांडुवाखाल में ही रोक कर गिरफ्तार कर लिया। इस अवसर पर पुलिस और उक्रांद नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी होती रही। पुलिस की ओर से दोनों पूर्व विधायकों समेत अन्य कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने से यह मामला अब और भी गरमा गया है। पूर्व विधायकों का कहना है कि गैरसैण स्थाई राजधानी इसी सत्र में घोषित करने को लेकर वे भी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। इस बीच पुलिस ने सरकार के इशारे पर उनकी गिरफ्तारी की है। इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा और कांग्रेस का गैरसैण स्थाई राजधानी बनाने का कोई इरादा नहीं है। दोनों दल इस मसले पर आम लोगों की भावनाओं के साथ नौटंकी कर रहे हैं। उक्रांद फिर भी चुप नहीं बैठेगा और अपने कार्यक्रम को जारी रखेगा। उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री वीरू सजवाण ने बताया कि युवा नेता आशीष नेगी को नजरबंद कर दिया गया है। बताया कि पूर्व विधायक ऐरी और त्रिपाठी को जल्द रिहा करने की बात पुलिस की ओर से कही गई है। इस दौरान पान सिंह रावत, अशीष नेगी, जमन सिंह, अमित, देवेंद्र, दीपक मडवाल, जसवंत बिष्ट, रोशन नेगी, सुरेंद्र समेत तमाम कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

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