ग्रामोत्थान रीप परियोजना से पशु सखियाँ डिजिटल रूप से सशक्त, सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने वितरित किए मोबाइल

ग्रामोत्थान रीप परियोजना से पशु सखियाँ डिजिटल रूप से सशक्त, सीडीओ वरुणा अग्रवाल ने वितरित किए मोबाइल


  • मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने पशुपालन सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए पशु सखियों को किया तकनीकी रूप से सक्षम
  • निराश्रित एवं आक्रामक पशुओं की पहचान व प्रबंधन हेतु पशु सखियों को निर्देश – सीडीओ टिहरी
  • मोबाइल आधारित निगरानी एवं रिपोर्टिंग से पशुपालकों की आजीविका सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
  • ग्रामोत्थान (REAP) परियोजना के अंतर्गत पशु सखी सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित

टिहरी : जनपद टिहरी गढ़वाल में ग्रामोत्थान रीप परियोजना के अंतर्गत पशुपालन सेवाओं को सुदृढ़ करने एवं पशु सखियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान ग्रामोत्थान रीप परियोजना द्वारा क्रय किए गए मोबाइल फोन, मुख्य विकास अधिकारी टिहरी वरुणा अग्रवाल द्वारा ‘पशु सखियों’ को वितरित किए गए। यह पहल पशु सखियों की कार्यक्षमता बढ़ाने एवं पशुपालकों की आजीविका सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने ‘पशु सखी’ की भूमिका, पशुपालकों तक सेवाओं की प्रभावी पहुँच तथा मोबाइल फोन के माध्यम से डेटा संधारण, निगरानी एवं रिपोर्टिंग से होने वाले सकारात्मक परिणामों पर प्रकाश डाला। साथ ही, निर्देशित भी किया कि निराश्रित एवं बेसहारा पशु, जो प्लास्टिक एवं अन्य हानिकारक अपशिष्ट का उपभोग करते पाए जाते हैं, उनकी समय पर पहचान कर संबंधित सूचना तत्काल पशुपालन विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक उपचार एवं संरक्षणात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके, असहाय एवं आक्रामक पशुओं की सूचना भी पशुपालन विभाग को तत्काल को दी जाए जिससे की असहाय एवं आक्रामक पशुओं हेतु समुचित प्रबंधन किया जा सके।

‘पशु सखी’ क्या है-

पशु सखी स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुडी ग्रामीण महिला होती है, जिन्हें पशुपालन संबंधी बुनियादी तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है। यह महिलाएं अपने गाँव क्लस्टर में पशुपालकों को प्राथमिक सेवाएँ और सलाह प्रदान करती है। पशु सखी पहल ग्रामीण पशुपालन क्षेत्र में सेवा उपलब्धता बढ़ाने, महिला सशक्तिकरण और आय वृद्धि का एक प्रभावी मॉडल है। यह व्यवस्था पशुपालकों और पशुपालन विभाग के बीच स्थानीय स्तर पर मजबूत कड़ी का कार्य करती है।

इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी मो असलम, रीप डीपीएम ब्रह्मकान्त भट्ट, समस्त असिस्टेंट मैनेजर, यंग प्रोफेशनल एवं पशु सखियाँ उपस्थित रही।

Previous post

सीडीओ वरुणा अग्रवाल के मार्गदर्शन में FNHW पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन

Next post

कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों के तहत मेलाधिकारी सोनिका ने टिहरी, पौड़ी व देहरादून क्षेत्रों का किया निरीक्षण

Post Comment

You May Have Missed