फोन की घंटी सुनने को तरसते निजमुला घाटी के लोग

फोन की घंटी सुनने को तरसते निजमुला घाटी के लोग

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के निजमुला घाटी के मोली, मानुरा के लोगों मौजूदा दौर के डिजिटल युग में मोबाइल नेटवर्क से वंचित है। एक ओर सरकार डिजिटल क्रांति का ढोल पीट रहे हैं। दूसरी ओर निजमुला घाटी के मोली, मानुरा, तड़कताल, हड़ूग के लोग फोन की एक घंटी सुनने को तरस रहे हैं। मोली के ग्राम प्रधान भगत सिंह फरस्वाण का कहना है कि  बीएसएनएल का मोबाइल टॉवर पिछले एक साल से हड़ूग में बन कर तैयार है, लेकिन वर्तमान तक टावर संचालन नहीं किया गया है। इससे ग्राम पंचायत में विकास से संबंधित कार्य नहीं हो पा रहे है। इसको लेकर लोगों में आक्रोश है। मोली के पूर्व सरपंच भीम सिंह  का कहना है कि मोबाइल से बात करने के लिए 10 किलोमीटर दूर ब्यारा या बिरही  आना पड रहा है। ब्यारा पूर्व  प्रधान  बृजलाल ने बताया कि  कुछ दिन पहले मोली के देवेंद्र सिंह को भालू ने हमला कर दिया थौ मोबाइल नेटवर्क  न होने के कारण ग्रामीणों को सूचित करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा  नेटवर्क होता तो समय पर हॉस्पिटल मरीज ले जाया जाता ओर समय रहते  सूचनाओं का आदान प्रदान हो जाता। बीएसएनएल के एसडीओ ने कहा कि  मोबाइल टॉवर में कुछ और सामान आना बाकी है। जल्द  नेटवर्क शुरू कर दिया जाएगा।

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