देहरादून बना ओवरऑल चैंपियन, 84 गोल्ड मेडल के साथ जीती चल वैजयंती ट्रॉफी

देहरादून बना ओवरऑल चैंपियन, 84 गोल्ड मेडल के साथ जीती चल वैजयंती ट्रॉफी

देहरादून महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय आठवीं राज्य स्तरीय मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देहरादून जिला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। देहरादून के खिलाड़ियों ने कुल 84 स्वर्ण पदक जीतकर सभी को पीछे छोड़ दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए देहरादून को प्रतिष्ठित चल वैजयंती ट्रॉफी से नवाजा गया।

उत्तराखंड एथलेटिक्स एसोसिएशन और देवभूमि मास्टर्स एथलेटिक्स एंड स्पोर्ट्स डेवलपमेंट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर से 260 से अधिक मास्टर्स एथलीटों ने हिस्सा लिया, जिनमें 225 महिलाएं और 35 पुरुष शामिल थे। खास बात यह रही कि 90 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के एथलीटों ने भी भरपूर उत्साह दिखाया। प्रतियोगिता का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब आया जब अल्मोड़ा के 92 वर्षीय वयोवृद्ध एथलीट लक्ष्मण सिंह ऐठानी ने अपने आयु वर्ग में भाग लेकर स्वर्ण पदक जीता और सभी के लिए मिसाल कायम की। उनकी फिटनेस और जोश ने युवा खिलाड़ियों को भी हैरान कर दिया।

विभिन्न आयु वर्गों में स्वर्ण विजेता

अपने-अपने वर्गों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रमुख खिलाड़ी इस प्रकार रहे: सतीश चंद्र चौहान, जितेंद्र गुप्ता, ललित चंद जोशी, जीएन पंत, सूरज भान चौहान, मोतीराम, दिनेश सिंह नेगी, आशीष रावत, असलम हुसैन, संजय थापा, वीरेंद्र कुमार, अलका जगदीश, सुशीला थापा, सरिता रानी, कमलेश गौरात, कमला भट्ट, संदीप कुमार सिंह, पूरन चंद भट्ट, कांति रावत, सोनल शाह, विजय नेगी, निर्मला जोशी, भीम सिंह वैद्य, बीना शर्मा, महेंद्र कुमार, जगमोहन सिंह, दीपक नेगी, सुधीर सिंह, भगवान सिंह, शिव मोहन सिंह, गंभीर सिंह पंवार, सतीश चंद्र बंगवाल, गिरीश जोशी, क्षेत्रश कुमार मुखिया, राजेंद्र सिंह मेहरा, नवीन त्यागी, सुमित शाह, अनुराग सैनी, सबल सिंह और सुनील कुमार रतूड़ी। समापन समारोह में एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कुमार सूद, महासचिव सतीश चंद्र चौहान सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

 ‘ग्यारैक्स मैराथन’ में बच्चों-बड़ों ने दिखाया दमखम

देहरादून में ही रविवार को ज्ञाननंदा इंटरनेशनल स्कूल ने ‘ग्यारैक्स मैराथन’ का सफल आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित आउटडोर खेल मैदान और सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना था। इस सामुदायिक मैराथन में स्कूल के छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षक और आसपास के क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए। 3 किमी, 5 किमी और 10 किमी की तीन अलग-अलग श्रेणियों में दौड़ आयोजित की गई। सभी प्रतिभागियों ने अनुशासन और उत्साह के साथ दौड़ पूरी की। विजेताओं को मेडल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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