पंचायती राज को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम, अपर सचिव पंचायती राज सुशील कुमार लोहानी ने देहरादून में की राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान कार्यान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा

पंचायती राज को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम, अपर सचिव पंचायती राज सुशील कुमार लोहानी ने देहरादून में की राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान कार्यान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा


  • उत्तराखंड में ग्राम स्वराज को नई उड़ान : अपर सचिव पंचायती राज सुशील कुमार लोहानी ने RGSA की प्रगति की समीक्षा की

देहरादून : पंचायती राज मंत्रालय के अपर सचिव सुशील कुमार लोहानी ने 19 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के कार्यान्वयन की समीक्षा की। बैठक में विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते और निदेशक पंचायती राज निधि यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में RGSA के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं की संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान देते हुए, घटक-वार प्रगति की विस्तार से जाँच की गई। समीक्षा बैठक में RGSA के अंतर्गत क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पहलुओं पर विशेष चर्चा की गई। बैठक में प्रभावी योजना, प्रयासों के अभिसरण और गहन निगरानी के महत्व पर प्रकाश डाला गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि RGSA के उद्देश्य पंचायती राज की सच्ची भावना के अनुरूप प्राप्त हों।

पंचायती राज संस्थाओं की क्षमता सुदृढ़ीकरण पर जोर

बैठक के दौरान, RGSA के अंतर्गत घटक-वार प्रगति की विस्तार से जाँच की गई। मुख्य रूप से पंचायती राज संस्थाओं की संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि गाँव स्वयं अपने विकास की योजना बना सकें और उसे प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि स्थानीय निकाय न केवल प्रशासनिक कार्य करें, बल्कि वास्तविक अर्थों में विकास के इंजन बनें।

क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर विशेष चर्चा

समीक्षा का एक महत्वपूर्ण पहलू क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण रहा। अपर सचिव महोदय ने इस बात पर विशेष चर्चा की कि कैसे पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाए ताकि वे अपनी भूमिकाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकें। उन्होंने पंचायती राज की सच्ची भावना के अनुरूप RGSA के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रभावी योजना, विभिन्न प्रयासों के अभिसरण (convergence) और गहन निगरानी के महत्व पर प्रकाश डाला। इन तीनों स्तंभों पर जोर देकर, जमीनी स्तर पर बदलाव लाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में उपनिदेशक पंचायती राज मनोज तिवारी, संयुक्त निदेशक हिमाली पेटवाल, संयुक्त निदेशक राजीव नाथ त्रिपाठी सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। राज्य के सभी जनपदों के जिला पंचायत राज अधिकारी गणों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।

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