चमोली नंदानगर आपदा: बादल फटने से उजड़ गए कई घर, मलबे में दबीं शादी की खुशियां

चमोली नंदानगर आपदा: बादल फटने से उजड़ गए कई घर, मलबे में दबीं शादी की खुशियां

चमोली : नंदानगर क्षेत्र में बुधवार रात हुई भारी बारिश और बादल फटने ने कई परिवारों के अरमानों को पानी में बहा दिया। इस भीषण आपदा में सिर्फ जान-माल का नुकसान ही नहीं हुआ, बल्कि शादी की खुशियों की तैयारी कर रहे कई परिवारों के सपने भी मलबे के ढेर में तब्दील हो गए।

सेरा गाँव के महिपाल सिंह गुसांई के परिवार पर भी इस आपदा का कहर टूट पड़ा। उनकी दूसरी बेटी नीमा की शादी 23 सितंबर को होने वाली थी। घर में शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। पूरा परिवार खुशी-खुशी इन तैयारियों में जुटा था। घर का रंग-रोगन हो चुका था और शादी के लिए कपड़े, गहने और खाने-पीने का सामान भी जमा किया जा चुका था।

मोक्ष गदेरे की बाढ़ में बह गया सब कुछ

बुधवार की रात करीब 2 बजे धुर्मा क्षेत्र में बादल फटने से मोक्ष गदेरे का जलस्तर अचानक बहुत तेजी से बढ़ गया। यह गदेरा सेरा गांव के किनारे से बहता है। तड़के 3 बजे तक पानी का बहाव इतना तेज था कि लोग अनहोनी की आशंका से अपने घरों को छोड़कर सड़क पर आ गए।

सुबह लगभग 3:30 बजे, तेज बहाव में महिपाल सिंह गुसांई सहित सात परिवारों के घर बह गए। महिपाल सिंह की पत्नी देवेश्वरी देवी ने अपनी आँखों के सामने अपने घर को बहते हुए देखा। उन्होंने बताया, “गदेरे का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था, इसलिए हम सब ने घर छोड़ दिया था। जब मैं सड़क पर पहुँची, तो देखा कि जहाँ मेरा मकान था, वहाँ अब सिर्फ पत्थर और रेत का ढेर बचा है।”

बेटी की शादी की चिंता

महिपाल सिंह के अनुसार, वे और उनके बच्चे नीमा व उनका बेटा गोपेश्वर में थे और उन्हें गुरुवार को घर लौटना था। लेकिन बुधवार रात की आपदा ने सब कुछ छीन लिया। परिवार के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बेटी की शादी कैसे होगी। शादी की सारी तैयारियां, जेवरात और सामान सब कुछ मोक्ष गदेरे की बाढ़ में बह गया है।

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