देशाटन से मिलती है जीवन की कई अनमोल सीख – विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण

देशाटन से मिलती है जीवन की कई अनमोल सीख – विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण

देहरादून : भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत 80 से अधिक मेधावी छात्रों का एक समूह अपने भ्रमण के दूसरे दिन देहरादून स्थित उत्तराखंड विधानसभा भवन पहुंचा जहाँ इनका स्वागत ऋतु खण्डूडी भूषण ने किया। सभी बच्चे देवप्रयाग विधायक विनोद कण्डारी के नेतृत्व में आये। इस अवसर पर छात्रों ने विधानसभा की कार्यप्रणाली को समझने का अनूठा अनुभव प्राप्त किया।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें विधानसभा के कार्यों, विधायी प्रक्रियाओं और सदन की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि कैसे विभिन्न विधायी कार्य किए जाते हैं और जनहित में कानून बनाने की प्रक्रिया में जनता की आवाज को किस प्रकार सुना जाता है।  बच्चों को संबोधित करते हुए ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा, “आप सभी उत्तराखंड के भविष्य हैं। शिक्षा आपकी सबसे बड़ी शक्ति है लेकिन घूमने से जो सीख मिलती है वह शिक्षा से भी नहीं मिलती। यहाँ जो कुछ भी आपने सीखा है, उसे अपने जीवन में उतारें और दूसरों को भी प्रेरित करें।”
विधानसभा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा की ” हमारे सदन में जो भी निर्णय लिए जाते हैं, वे केवल कागज पर नहीं लिखे जाते; वे हमारे समाज की वास्तविक आवश्यकताओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब हम किसी विधेयक पर चर्चा करते हैं, तो हम हमेशा यह सोचते हैं कि इससे समाज के किन वर्गों को लाभ होगा और किन्हें नुकसान। इसलिए, मैं चाहती हूँ कि आप यह समझें कि आप भी इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं।उन्होंने कहा की आज का आपका यह अनुभव केवल एक शैक्षिक भ्रमण नहीं है, बल्कि यह आपके भविष्य की दिशा को तय करने का एक महत्वपूर्ण क्षण है। याद रखें, आप सभी हमारे राज्य और देश के भविष्य हैं।
देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने कहा, “इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक होते हैं। इस भ्रमण के माध्यम से छात्रों को विधानसभा की कार्यप्रणाली को समझने का एक सुअवसर मिला, जो उनके सामाजिक और राजनीतिक ज्ञान में वृद्धि करेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को जागरूक करना और उन्हें लोकतंत्र की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना है।
Previous post

डीएम डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट के अधिकारियों को निर्देश, सारा के तहत चिन्हित जल स्रोतों एवं सहायक नदियों के संरक्षण एवं पुनर्जीवीकरण के लिए 02 दिनों के भीतर कार्ययोजना करें प्रस्तुत

Next post

श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर में देवभूमि उद्यमिता योजना के अन्तर्गत दो दिवसीय बूट कैंप का हुआ शुभारंभ

Post Comment

You May Have Missed