*सुप्रीम कोर्ट के फैसले से डीएलएड वालों की नौकरी की गारंटी*

*सुप्रीम कोर्ट के फैसले से डीएलएड वालों की नौकरी की गारंटी*

*सुप्रीम कोर्ट के फैसले से डीएलएड वालों की नौकरी की गारंटी*

देहरादून।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से डीएलएड प्रशिक्षितों को नौकरी की पक्की गारंटी है। इस वक्त प्रदेश के डायटों में डीएलएड के दो बैच चल रहे हैं। इनमें 2019-21 बैच के 631 छात्र इस साल पास होने जा रहे हैं। यह बैच विलंब से चल रहा है। करीब 550 छात्रों का दूसरा बैच अगले साल पासआउट हो जाएगा। जहां इस वक्त बेसिक शिक्षक के करीब तीन हजार पदों पर भर्ती होनी है, वहीं दावेदार 1100 के करीब ही होंगे। द्विवर्षीय डीएलएड प्रशिक्षित संघ के पूर्व अध्यक्ष हिमांशु जोशी ने शुक्रवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागतयोग्य है। नौकरी में किसी का विरोध नहीं है, पर हकीकत जाननी भी जरूरी है। असल में डीएलएड प्रशिक्षित के पास सिर्फ बेसिक शिक्षक बनने का मौका होता है। वो किसी और पद के लिए आवेदन नहीं कर सकते । विधिवत परीक्षा देकर चयन व दो वर्ष की नियमित पढ़ाई के बाद उसे डीएलएड प्रमाणपत्र मिलता है। उसके बाद उसे टीईटी- प्रथम भी पास करनी होती है जबकि बीएड में ऐसा नहीं है। बीएड डिग्रीधारक एलटी प्रवक्ता के लिए पात्र होते हैं। वो उच्च शिक्षा में भी आवेदन कर सकते हैं। ऐसे में बेसिक शिक्षक के लिए डीएलड प्रशिक्षित को ही पात्र माना जाना चाहिए।

अधिकारी बोले

सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सत्यापित कापी मिलने के बाद ही इस विषय पर कुछ कहा जा सकता है । यह देखना होगा कि अदालत ने किस परिप्रेक्ष्य में आदेश किया है । उसमें किन मानकों को लेकर टिप्णी की गई हैं ।

– रामकृष्ण उनियाल निदेशक बेसिक शिक्षा

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